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तकदीर पर ईमान का मतलब
क्या हम धरती पर जन्नत की नेमतों स्वरूप की कल्पना कर सकते है
क्या भाग्य, स्वतन्त्र इच्छा और केवल अल्लाह की मर्ज़ी से सृष्टि का संचालन होने की बातो में कोई विरोधाभास है
Kya Hum Taqdeer Ke Likhe Hue Se Majboor Ho Kar Gunah Karte Hain